ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, 14 साल के करियर का अंत

ऑस्ट्रेलिया के विस्फोटक ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया है। सोमवार देर रात लिए गए इस फैसले के साथ ही उनके 14 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का अंत हो गया। हालांकि, मैक्सवेल दुनिया भर की टी20 लीग में खेलना जारी रखेंगे। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी ऑफ स्पिन गेंदबाजी के लिए मशहूर मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को कई यादगार जीत दिलाई हैं।

2012 में शुरू हुआ था अंतरराष्ट्रीय करियर

ग्लेन मैक्सवेल ने 25 अगस्त 2012 को अफगानिस्तान के खिलाफ शारजाह में वनडे मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसी साल सितंबर में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। मार्च 2013 में भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के साथ उन्होंने तीनों प्रारूपों में अपनी पहचान बनाई।

दाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज और ऑफ स्पिन गेंदबाज मैक्सवेल का टेस्ट करियर सीमित रहा। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए 7 टेस्ट मैच खेले, जिसमें एक शतक की मदद से 339 रन बनाए और 8 विकेट हासिल किए। हालांकि, वनडे और टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।

वनडे क्रिकेट में मैक्सवेल का शानदार रिकॉर्ड

ग्लेन मैक्सवेल ने 149 वनडे मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 4 शतक और 23 अर्धशतक की मदद से 3,990 रन बनाए। वनडे क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 201 रन रहा। बल्लेबाजी के साथ-साथ उन्होंने गेंदबाजी में भी योगदान देते हुए 77 विकेट हासिल किए।

मैक्सवेल ने अपना आखिरी वनडे मुकाबला 4 मार्च 2025 को भारत के खिलाफ खेला था। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने कई बार ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला।

टी20 क्रिकेट में भी रहे ऑस्ट्रेलिया के मैच विनर

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैक्सवेल का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 130 टी20 मुकाबलों में 5 शतक और 12 अर्धशतक की मदद से 2,897 रन बनाए। इसके अलावा, उन्होंने 51 विकेट भी हासिल किए।

20 फरवरी 2026 को अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने वाले मैक्सवेल ऑस्ट्रेलिया के सबसे प्रभावशाली टी20 खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनकी आक्रामक शैली और बड़े शॉट खेलने की क्षमता ने उन्हें क्रिकेट के इस छोटे प्रारूप में खास पहचान दिलाई।

विश्व कप 2023 में खेली ऐतिहासिक पारी

ग्लेन मैक्सवेल के अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे यादगार पारी वनडे विश्व कप 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ आई थी। यह मुकाबला क्रिकेट इतिहास की सबसे रोमांचक और अविश्वसनीय पारियों में गिना जाता है।

अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 292 रन का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम 18.3 ओवर में 91 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी। उस समय टीम की हार लगभग निश्चित दिखाई दे रही थी। लेकिन क्रीज पर मौजूद ग्लेन मैक्सवेल ने असाधारण बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले का रुख बदल दिया।

मैक्सवेल ने कप्तान पैट कमिंस के साथ मिलकर 202 रन की नाबाद साझेदारी की। इस साझेदारी में कमिंस ने केवल 12 रन का योगदान दिया, जबकि मैक्सवेल ने अकेले दम पर ऑस्ट्रेलिया को जीत के करीब पहुंचाया।

मैक्सवेल ने 128 गेंदों पर 10 छक्के और 21 चौकों की मदद से नाबाद 201 रन बनाए। बाएं पैर में चोट और मांसपेशियों में दर्द के बावजूद उन्होंने मैदान पर डटे रहकर ऐतिहासिक दोहरा शतक पूरा किया। छक्के के साथ दोहरा शतक पूरा करने वाले मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया को 46.5 ओवर में 7 विकेट पर 293 रन तक पहुंचाकर 3 विकेट से जीत दिलाई।

इस पारी के साथ मैक्सवेल वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की ओर से दोहरा शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने। उनकी यह पारी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए साहस, संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति की मिसाल है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैक्सवेल की विरासत

ग्लेन मैक्सवेल का संन्यास ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है। उन्होंने अपने करियर में कई बार अकेले दम पर मैच का परिणाम बदलने की क्षमता दिखाई। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता, रचनात्मकता और दबाव में प्रदर्शन करने का अद्भुत संयोजन देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई लेने के बावजूद मैक्सवेल लीग क्रिकेट में सक्रिय रहेंगे। उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि दुनिया भर की टी20 लीग में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का रोमांच आगे भी देखने को मिलता रहेगा। विश्व कप 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी ऐतिहासिक पारी क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।

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